लखनऊ।लोकसभा चुनाव सिर पर है। चुनावी बिगुल गुरुवार या शुक्रवार को बज सकता है।इस बीच उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी,समाजवादी पार्टी की दूसरी लिस्ट के साथ ही कांग्रेस प्रत्याशियों के नामों का इंतजार लंबा होता दिख रहा है।लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा समेत विपक्षी पार्टियां उन तमाम प्रत्याशियों को चुनावी मतदान में उतारना चाहती हैं, जो जिताऊ हों।
भाजपा ने अपनी दूसरे लिस्ट तो जारी कर दिया,लेकिन इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश की एक भी लोकसभा सीट के प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया गया।वहीं दूसरी तरफ सपा ने 31 लोकसभा सीटों पर टिकट वितरण करने के बाद विराम लगा दिया है।अभी तक आगे कोई नए नाम का ऐलान नहीं हुआ है और लगातार मंथन जारी है।सबसे पीछे कांग्रेस है।कांग्रेस को यूपी में 17 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना है,लेकिन अभी तक एक भी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है।
बताया जा रहा है कि भाजपा पश्चिमी यूपी,अवध और पूर्वांचल की दो लोकसभा सीटों पर लगातार मंथन कर रही है,जिससे दूसरी लिस्ट में एक भी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं हुआ है।बरहाल यूपी भाजपा के नेताओं का कहना है किसी भी तरीके का कोई मंथन नहीं हो रहा है। प्रत्याशियों का नाम स्पष्ट है, केवल मात्र ऐलान करने की देरी है।कहीं से कोई असमंजस की स्थिति नहीं है।
गौरतलब है कि भाजपा दूसरी लिस्ट में यूपी से एक भी प्रत्याशी के नाम का ऐलान न होने पर पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी, सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी, कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में ही चर्चा का विषय है।ऐसे में जिन सीटों पर वर्तमान सांसदों के टिकट नही दिया गया है उनका टिकट कटने की भी चर्चा है।
सपा ने 31 प्रत्याशियों को टिकट देने के बाद विराम लगा दिया है और लगातार प्रत्याशियों पर मंथन कर रही है।संभल के सांसद शफ़ीक़ुर्रहमान बर्क की मौत के बाद संभल लोकसभा सीट पर भी अभी प्रत्याशी का ऐलान नहीं हुआ है। चर्चा है कि बर्क के परिवार से ही किसी को सपा प्रत्याशी बनाएगी।दूसरी तरफ सपा मुखिया अखिलेश यादव के लिए यह भी चिंता है कि प्रत्याशियों के नाम के ऐलान के बाद कहीं उन्हीं के दल में गुटबाजी न शुरू हो जाए।इसलिए भी अखिलेश यादव एहतियात बरत रहे हैं।टिकट मांगने वालों की सपा दफ्तर में होड़ लगी हुई है।आजमगढ़ से कौन चुनाव लड़ेगा अभी तक सपा यह भी नहीं तय कर पाई है। आजमगढ़ से मुलायम सिंह यादव सांसद बने थे।आजमगढ़ से अखिलेश यादव भी सांसद थे,लेकिन पिछली बार उप चुनाव में अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव चुनाव हार गए थे।
कांग्रेस को यूपी के 80 लोकसभा सीटों में से 17 सीटों पर चुनाव लड़ना है। इन 17 लोकसभा सीटों में से गांधी परिवार की दो खानदानी सीट रायबरेली और अमेठी भी है।इन दोनों सीट से कौन चुनाव लड़ेगा अभी तक कोई बड़ा नेता खुलकर कुछ भी नहीं बोल पा रहा है।आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि कांग्रेस किस असमंजस में फंसी हुई है।एक तरफ कार्यकर्ता अमेठी से राहुल गांधी को दोबारा चुनाव लड़ने की मांग कर रहे हैं तो वहीं सोनिया गांधी के राज्यसभा में जाने के बाद रायबरेली सीट से प्रियंका गांधी को उम्मीदवार बनाने की भी मांग कर रहे हैं।यूपी कांग्रेस के नेता अविनाश पांडे और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भले ही यूपी में जीत का हुंकार भर रहे हैं, लेकिन रायबरेली और अमेठी सीट से ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यूपी में कांग्रेस की क्या हालत है।
subscribe to rss
811,6 followers
6958,56 fans
6954,55 subscribers
896,7 subscribers
6321,56 followers
9625.56 followers
741,9 followers
3548,7 followers