इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पानी टंकी ओवर ब्रिज तोड़ने के मामले में जानकारी तलब की है। कोर्ट ने कहा है कि इस संबंध में सुनवाई की अगली तारीख पर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कोर्ट इस मामले की सुनवाई चार अप्रैल को करेगा।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरूण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने कमलेश कुमार सिंह व अन्य की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। इसके पहले सुनवाई शुरू होते ही याची अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव एवं सुनीता शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने ओवर रेलिंग टूटने पर ही ओवर ब्रिज को तोड़ने का निर्णय ले लिया।
जबकि, उस ओवर ब्रिज से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं का हाईकोर्ट, कैट, रेवेन्यू बोर्ड, जिला अदालत सहित अन्य न्यायिक संस्थानों में आना-जाना है। शहर का आधा हिस्सा ओवर ब्रिज से ही होकर गुजरता है। इससे पुराने शहर के लोगों का भी आवागमन है। छात्रों का भी शैक्षणिक संस्थानों में आना-जाना है। पुराने ओवर ब्रिज को तोड़ देने से जाम की समस्या खड़ी हो जाएगी। सारा आवागमन एक ही ओवर ब्रिज पर हो जाएगा, जिससे लोगों को परेशानी होगी।
प्रशासन ने ओवर ब्रिज तोड़ने का निर्णय ले लिया, लेकिन कोई नया ब्रिज बनाने का प्रस्ताव नहीं बताया। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस पर कोर्ट ने तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
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