राम मंदिर खुलने के दूसरे दिन करीब ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार के औचक दौरे व निर्देशों का असर दिखा। प्रशासन ने अथक प्रयास कर आखिरकार रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बहुउपयोगी तीर्थयात्री सुविधा केंद्र को शुरू करा दिया। इससे सब कुछ व्यवस्थित करने में मदद मिली। दूसरे दिन बुधवार को 2.5 लाख से अधिक भक्तों ने अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन किए।
प्राण की प्रतिष्ठा होते ही पांच वर्ष के बालक राम करोड़पति हो गए। देश-दुनिया के भक्तों ने नव्य मंदिर में आराध्य के विराजमान होने की खुशी में 3.17 करोड़ रुपये की निधि समर्पित की। वैसे तो रामलला को हजारों करोड़ का दान और चढ़ावा मिला है, लेकिन ताजा घटनाक्रम में यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि इसके लिए श्रद्धालुओं को कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंगलवार को नव्य मंदिर आम भक्तों के दर्शन के लिए खोला गया। इस दिन आराध्य की एक झलक पाने की कैसी आतुरता रही, इसे देश ही नहीं, पूरी दुनिया ने देखा। राम मंदिर में दर्शनार्थियों के उमड़ने के पिछले सभी रिकाॅर्ड टूट गए। लाखों की भीड़ जुट जाने से दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद भक्त अपने रामलला को चढ़ावा भेंट करने से पीछे नहीं हटे। जिस तरह उन्होंने दर्शन पाने के लिए कई मुश्किलों को झेला वैसे ही भारी भीड़ में दानराशि अर्पित करने के लिए जूझना पड़ा, फिर भी वे पीछे नहीं हटे।
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी भक्तों के रामलला के प्रति इस अगाध श्रद्धा को देख अभिभूत है। ट्रस्टी और प्राण प्रतिष्ठा में प्रमुख यजमान के दायित्व का निर्वहन करने वाले डॉ. अनिल मिश्र ने अमर उजाला को बताया कि मंगलवार को आया दान काफी महत्व रखता है। ऑनलाइन समर्पण निधि अर्पित करने के लिए रामभक्तों को परिश्रम करना पड़ा। इतनी ज्यादा भीड़ में भी वे धैर्य का परिचय देते हुए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपनी निष्ठा का प्रदर्शन करना नहीं भूले।
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