रेलवे की भर्ती परीक्षा में बड़ा बदलाव होगा। संभावित बदलाव में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को रेलवे के उच्च पदों पर नौकरी के अवसर अधिक मिल सकते हैं। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट बढ़े तो सिविल सर्विस परीक्षा से आने वाले कला के छात्रों का रेलवे में उच्च पदों पर स्थान कम हो जाएगा।
आपको बता दें कि रेलवे में ग्रुप ए के रिक्त पदों पर सिविल सेवा परीक्षा से होने वाली भर्ती रोक दी गई है। इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सिस्टम गठन को लेकर लगभग 100 पदों पर भर्ती रोकी गई है। रेलवे बोर्ड ने संघ लोक सेवा आयोग से अपने रिक्त पदों पर सिविल सर्विस भर्ती की मांग वापस ले ली है। इससे सिविल सेवा की परीक्षा में 100 पद कम हो सकते हैं। नई व्यवस्था गठन के बाद ग्रुप ए के अफसरों की भर्ती होगी।
रेलवे बोर्ड के स्थान पर इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सिस्टम (आईआरएमएस) रेलवे का प्रबंधन देखेगा। पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे में बड़ा बदलाव करते हुए ग्रुप ए स्तर का ढांचा बदलने को मंजूरी दी थी। नई व्यवस्था में ग्रुप ए की आठ सेवाओं को एकीकृत कर आईआरएमएस बनाया जाएगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
रेलवे के अफसर कहते हैं कि आईआरएमएस गठन के बाद रेलवे में कला वर्ग की जगह इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट के छात्रों को ऊंचे ओहदों पर रखा जा सकता है। इसमें कुछ मैनेजमेंट ग्रेजुएट अफसर हो सकते हैं। ये विशेष डिग्री वाले कला के छात्रों का स्थान लेंगे। इससे रेलवे की कार्य कुशलता बढ़ेगी। रेलवे में हो रहे बदलाव पर उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि नया सिस्टम लागू होने के बाद कुछ कहा जा सकता है। सीपीआरओ कहते हैं कि जहां जैसी जरूरत होगी वैसे ही क्वालिफिकेशन वाले लोग रखे जाएंगे।
ये होगा बदलाव ’ रेलवे बोर्ड इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सिस्टम के नाम से जाना जाएगा। ’ आईआरएम के सर्वोच्च पद पर सीईओ होंगे। ’ रेलवे बोर्ड में आठ सदस्यों की जगह आईआरएमएस में पांच सदस्य होंगे। ’ ट्रांसपोर्ट, मैनेजमेंट और उद्योग में लंबे अनुभव वाले आईआरएमएस के सदस्य हो सकते हैं।
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