प्रयागराज : माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शनिवार को दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला संगम तट पर उमड़ पड़ा। पौ फटते ही डुबकी शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाने के बाद विधि विधान से मां गंगा का पूजन अर्चन कर दीपदान किया। कंपकंपाती ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का आस्था भारी दिखी। लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखा। घाटों के अलावा पूरे माघ मेला में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। पैदल के अलावा घुड़सवार पुलिस के जवान निगरानी कर रहे हैं। पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा जल पुलिस के जवानों की तैनी की गई। संगमजाने के सभी रास्ते पैक रहे। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की पुष्पवर्षा की गई। सीएम योगी ने ट्वीट कर दी बधाई।
सर्वार्थ सिद्धि योग में लगेगी मौनी अमावस्या पर मौन डुबकी
मौनी अमावस्या पर शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में संगम पर मौन डुबकी लगेगी। इस बार शनि अमावस्या होने की वजह से इस स्नान पर्व पर डुबकी विशेष फलदायी होगी।ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मौनी अमावस्या शनिवार की सुबह 6:16 बजे से रविवार की रात 2:22 बजे तक रहेगी। इस बीच सर्वार्थ सिद्धि योग लग रहा है। ऐसे में पुण्य की डुबकी से मनसा , वाचा, कर्मणा तीनों तरह के पापों के शमन के योग हैं। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक सुबह 8:33 से 9:52 बजे के बीच स्नान-दान का सबसे उत्तम मुहूर्त है।
बारिश ने मौनी अमावस्या पर बढ़ाई मुसीबत
मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े जन ज्वार के बीच आधी रात शुरू हुई बारिश ने लाखों श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। माघ मेला क्षेत्र में सड़कों और पटरियों पर जमे बड़ी संख्या में लोग भीग कर ठिठुरते रहे। उधर, शिविरों में भी कई जगह पानी लग गया।इससे लोग ठंड के साथ बारिश की दोहरी मार का सामना करने के लिए मजबूर हो गए। रात करीब 11:30 बजे बारिश शुरू होने से माघ मेला क्षेत्र में आफत सी आ गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश में शिविरों का हाल बेहाल हो गया।
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