प्रयागराज : माघ मेले में हिंदू बनकर इस्लामिक साहित्य बेचने के आरोपित मो. मोनिश उर्फ आशीष कुमार गुप्ता और समीर उर्फ नरेश हैदराबाद की जमात में भी शामिल हुए थे। वहीं पर उन्हें इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार की तरकीब सिखाई गई थी। दोनों इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद वहां गए थे और लौटने के बाद हिंदू धार्मिक स्थलों पर पुस्तक बेचने का काम शुरू किया था। पुलिस और खुफिया एजेंसी को ऐसी जानकारी मिली है। इसके साथ ही अबूधाबी से इस्लामिक साहित्य के लिए होने वाली फंडिंग को लेकर आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने अपने स्तर पर छानबीन शुरू कर दी है। कासिम से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है। गिरोह से जुड़े सईद उर्फ सुभाष की तलाश में बुधवार को करेली से लेकर फतेहपुर तक पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस का कहना है कि फतेहपुर के भैरवा गोंदी गांव निवासी सुभाष ने सबसे पहले हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म स्वीकार किया था। उसने रिश्तेदारों और परिचितों का झुकाव भी इस्लाम की तरफ करवाया। इसके चलते 12 साल पहले नरेश ने दिल्ली में मुस्लिम धर्म अपनाया और फिर दो साल पहले लालगोपालगंज स्थित एक मस्जिद में आशीष को मोनिश बनाया गया। इन दोनों का मतांतरण इस्लामिया हिमदादिया मदरसा के शिक्षक महमूद हसन गाजी ने करवाया था। इसके बाद ही दोनों को हैदराबाद में होने वाली जमात में ले जाया गया था। महमूद के संपर्क में सुभाष सबसे पहले आया था, जिसके बाद उसे भी एक मदरसे का शिक्षक बना दिया गया था। इसी आधार पर अब उसके और उसके दूसरे साथियों की तलाश चल रही है, ताकि गिरफ्तारी होने पर मामले में अहम जानकारी व साक्ष्य मिल सके। जेल में बंद तीनों आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
अटाला बवाल के मास्टरमाइंड से भी करता था बात
10 जून 2022 को अटाला में हुए बवाल के मास्टरमाइंड जावेद पंप से भी महमूद हसन गाजी बातचीत करता था। जावेद पंप की गिरफ्तारी से पहले भी हसन ने बात की थी। इसकी तस्दीक उसके मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से भी की जाएगी। सीडीआर से जानकारी मिलने के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कतर से रियाद तक के युवक संपर्क में
तफ्तीश में जुटी सुरक्षा एजेंसियों को यह भी पता चला है कि महमूद हसन के संपर्क में कतर, रियाद, जद्दा, सऊदी अरब के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले तमाम लोग संपर्क में थे। महमूद उन सभी से इंटरनेट कालिंग के जरिए बातचीत करता था।
खंगाले जाएंगे सभी के बैंक एकाउंट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के सरगना और उसके सहयोगियों का बैंक खाता खंगाला जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि महमूद हसन के कितने बैंक खाते हैं और उन खातों में कब-कब व किसने कितनी रकम जमा की है। बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद उन लोगों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा, जिन्होंने इस्लामिक साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए सहयोग राशि दी थी। ऐसा सुनियोजित साजिश के तहत किया जा रहा था, जिसको देखते हुए सभी एंगल पर पड़ताल की जा रही है। ताकि यह भी पता लगाया जा सके कि हिंदू युवकों का ब्रेनवाश कौन-कौन लोग करते थे और वह कहां के रहने वाले हैं।
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