मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या में राममंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास किया। इसके बाद वे रामलला सदन मंदिर के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मंदिर का जीर्णोद्धार हाल ही में किया गया है। मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू हो गया। यह अयोध्या में द्रविड़ शैली बना पहला मंदिर है। मंदिर को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे कि आप दक्षिण भारत के किसी मंदिर में आ गए हों। यह काफी प्राचीन स्थान है।
मंदिर श्रीरामजन्म भूमि से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है। कलश यात्रा के साथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव शुरू हुआ। यह अयोध्या का पहला मंदिर है जहां भगवान श्रीराम के कुलदेवता भगवान विष्णु के स्वरूप भगवान रंगनाथन प्रतिष्ठित हैं। यहां भगवान राम, लक्ष्मण और मां सीता की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू हो गया। दक्षिण भारतीय शैली में बना यह मंदिर अत्यंत आकर्षक है और देखने वालों को दक्षिण भारत में होने का एहसास करा रहा है।
ये है मान्यता
रामलला सदन मंदिर का डिजाइन चेन्नई के मशहूर आर्किटेक्ट स्वामीनाथन ने तैयार किया है। मान्यता है कि यहां भगवान श्रीराम समेत चारों भाइयों का नामकरण संस्कार हुआ था। इसी वजह से इस मंदिर को रामलला सदन का नाम दिया गया है। मंदिर में श्री रामलला, माता जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां दक्षिण भारत से अयोध्या लाई गई हैं।
subscribe to rss
811,6 followers
6958,56 fans
6954,55 subscribers
896,7 subscribers
6321,56 followers
9625.56 followers
741,9 followers
3548,7 followers