शहर में अवैध रूप से संचालित बरात घरों पर 10 जुलाई के बाद इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) का शिकंजा कसेगा। शहर के ज्यादातर बरात घर मानक के विपरीत चल रहे हैं। बरात घरों में पार्किंग की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शादी-विवाह एवं अन्य कार्यक्रम होने पर बरात घरों के बाहर वाहन खड़े कर दिए जाने से जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। 17 जून को बरात घर संचालकों की बैठक एडीए, नगर निगम, यातायात विभाग के अफसरों के साथ हुई थी। इसमें संचालकों से साफ कहा गया था कि 12 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर बरात घर किसी भी कीमत पर नहीं चलने पाएंगे। संचालकों को एक सहूलियत दी गई कि जिन तिथियों में उनके यहां बुकिंग है, उसकी सूची और ब्योरा एक-दो दिनों में प्राधिकरण में दे दें, तो उन तिथियों पर बरात घर खुलने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़क पर कामर्शियल गतिविधियां चलाने के लिए भी नक्शा पास कराना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत किस तरह का व्यवसाय करना है, इसका ब्योरा भी 10 जुलाई तक प्राधिकरण में जमा करना है। बैठक के एक पखवारा बीतने के बावजूद किसी बरात घर संचालक द्वारा कोई ब्योरा नहीं जमा किया गया। ऐसे में तय समय के बाद बरात घरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विशेष कार्याधिकारीआलोक पांडेय का कहना है कि 10 जुलाई के बाद अवैध बरात घरों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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