राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विज्ञान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर देशभर में बढ़ रही नशें की तस्करी को लेकर सवाल उठाए हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा यह सही है कि नर्मदा यात्रा के दौरान मैं संघ की धर्मशाला में रुका था लेकिन संघ कोई रजिस्टर्ड संस्था नहीं है. आज तक उसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ जो धन इकट्ठा किया जाता है उसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता है.
दिग्विजय ने आगे कहा संघ ने दावा किया था कि कोविड के दौरान जरूरतमंदों के लिए 7 करोड़ रुपए इकट्ठे करके बांटे गए. मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर यह 7 करोड़ की ब्लैक मनी कहां से आई. संघ इसका जबाब दे. जब संघ रजिस्टर्ड नहीं है तो उनका अकाउंट भी नहीं है आखिर यह धन आया कहां से?
टेलकम पाउडर के नाम से अफगानिस्तान से ईरान, ईरान से गुजरात के पोर्ट पर माल आया उसकी जो जांच की थी. उसमें लगभग 3000 किलो का हीरोइन ड्रग्स मिला. जिसकी बाजार के अंदर कीमत 21000 करोड़ है. जब और जांच पड़ताल की गई तो इसी कंपनी के नाम से 9 जून 2021 को 25000 किलो अफगानिस्तान के एक फार्मेसी कोर्ट पर आया था. इतना बड़ा काम देश में हीरोइन का व्यवसाय 5 से 10 लाख करोड़ का हो सकता है.
केंद्र सरकार और मीडिया ने बॉलीवुड में जहां से 200-300 ग्राम ड्रग मिला उस कवरेज को पूरा हफ्ता -10 दिन तक चलाया. लेकिन इसके बारे में कुछ नहीं चला. इस मामले में गिरफ्तारी हुई है, लेकिन जिसके पोर्ट पर इतना बड़ा कारनामा हुआ वहां कुछ नहीं किया गया.
दिग्विजय सिंह ने कहा आजकल एक प्रथा चल चुकी है कि राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के ऊपर ईडी-सीबीआई का दबाव बनाया जाए. अगर वो भारतीय जनता पार्टी में ज्वाइन हो जाता है तो फिर कोई कुछ नहीं करता है. हमारे पास सारे ही प्रमाण है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि क्या नेशनल मीडिया भारतीय जनता पार्टी से इस मुद्दे पर चर्चा करेगा. पूछेगा क्या जब हिंदू-मुस्लिम भारत-पाकिस्तान करता है ऐसे में क्या ड्रग्स के ऊपर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा सरकार ने यह मुद्दा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के पास रख दिया और वहां पर कुछ और चलता है.
दिग्विजय सिंह ने कहा अजमेर दरगाह हमरा हैदराबाद समझौता एक्सप्रेस मामले में जो भी अपराधी थे उनको छोड़ दिया गया था. इसलिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी पर हमें विश्वास नहीं है. हम प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हैं कि इतना बड़ा रैकेट पकड़ा गया है. दो लाख करोड़ का हीरोइन पकड़ा गया है इसकी जांच रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट के जज के दुबारा करा जाए.
मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अगर जनता का भला चाहते हैं तो ड्रग्स से मुक्ति दिलाने का काम होना चाहिए. काफी बड़े पैमाने पर नकली नोट छापे गये हैं. यह नही पता कि कैसे छापे गये कहां छपे? डॉ यतेंद्र ओझा ने एक लिखित में पत्र ये बात लिखी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सबसे ज्यादा नकली नोट गुजरात के अंदर कॉपरेटिव बैंक के पास हैं जो अमित शाह के अंदर आता है.
दिग्विजय सिंह ने गुजरात के विषय पर कहा कि गुजरात में अगर मुख्यमंत्री चेंज होता है तो मास्टर स्ट्रोक पंजाब में होता है. तो झगड़ा-झगड़ा है वहां मंत्रिमंडल में विस्तार हुआ तो कोई बात सामने नहीं आई, लेकिन पंजाब पर ही आपको सब दिख रहा है.
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