चीन इस समय एक बड़े बिजली संकट का सामना कर रहा है. देश के उत्तरपूर्वी हिस्से में लोग स्मार्टफोन की फ्लैशलाइट की मदद से घर के काम कर रहे हैं और दुकानदरों को जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. बुधवार को कई इलाकों में बिजली (Power Cuts in China) आने की खबर आई है लेकिन बहुत से इलाके अब भी अंधेरे में डूबे हुए हैं. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ये संकट कोयला सप्लाई की कमी के कारण खड़ा हो गया है, जिसकी मैन्युफैक्चर्स के बीच तेजी से मांग बढ़ रही है. जबकि अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि सरकार राजनीतिक कारणों के चलते ऐसा कर रही है.
इनका कहना है कि आधिकारिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अधिकारियों पर ऊर्जा के इस्तेमाल को कम करने का दबाव है. उत्तरपूर्वी क्षेत्र के सबसे अधिक आबादी वाले शेनयांग शहर में रेस्त्रां चलाने वाले ली यूफेंग इलेक्ट्रिक साइकिल की बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं (China Power Crisis Why). उनका कहना है कि ग्राहक खाना खाने के लिए स्मार्टफोन की लाइट की मदद ले रहे हैं. चीन में विनिर्माण से जुड़ा काम करने वाली फैक्ट्रियों को एक हफ्ते के लिए उत्पादन बंद करने का आदेश दिया गया है. जिससे स्मार्टफोन और अन्य सामानों की वैश्विक आपूर्ति बाधित हो सकती है.
बिजली संकट के कारण लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है. लोग सोशल मीडिया पर सरकार से समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह कर रहे हैं. चीन में बिजली की खपत सामान्य दर से लगभग दो गुना बढ़ रही है, जबकि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऊर्जा के इसी इस्तेमाल को कम करने की कोशिश कर रही है (Where are China Crisis Now). चीन ऐसे वक्त पर बिजली कटौती कर रहा है, जब 12-13 अक्टूबर को कुनमिंग (चीनी शहर) में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन होने वाला है. जिसमें कई वैश्विक नेता हिस्सा लेंगे. राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बैठक की मेजबानी करेंगे. बिजली कटौती कर वह ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन उत्सर्जन और ऊर्जा से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करने पर कायम है.
मीट बेचने का काम करने वाले दुकानदार यांग चांग जनरेटर का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका कहना है, ‘जब तक बिजली है, हम तभी तक चीजें बेच सकते हैं.’ यांग को नहीं पता कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है लेकिन उनका कहना है कि वह सरकार से सहमत हैं. जिलिन प्रांत की सरकार ने कोयले की कमी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है (Power Crisis Reason in China). यहां की सरकार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि गवर्नर अतिरिक्त आपूर्ति के लिए पास के मंगोलिया में खदानों के इलाके का दौरा करेंगे. चीन के सबसे बड़े विनिर्माण केंद्र ग्वांगडोंग प्रांत की सरकार ने जलविद्युत जलाशयों में ऊर्जा उपयोग सीमा और निम्न जल स्तर दोनों को बिजली कटौती का कारण बताया है, जो प्रांत को बिजली का एक बड़ा हिस्सा प्रदान करते हैं.
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