पंजाब (Punjab) में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly elections) से पहले कांग्रेस (Congress) के मुख्यमंत्री बदलने के फैसले से आम आदमी पार्टी (AAP) को मदद मिल सकती है. राजनेता और विशेषज्ञों ने कहा कि आप को शिरोमणि अकाली दल-बहुजन समाज पार्टी (SAD-BSP) गठबंधन से ज्यादा फायदा होगा. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के आक्रोश का खामियाजा भुगत रही बीजेपी अब भी राज्य में एकजुट होने के लिए संघर्ष कर रही है.
आप (AAP), जिसने 2017 के राज्य चुनावों में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरने के लिए 20 सीटें जीतीं, कांग्रेस में अस्थिरता को भुनाने के लिए महीनों से काम कर रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी धीरे-धीरे राज्य के बड़े हिस्से में अपने प्रचार विषय (सत्ता विरोधी लहर और एक नई पार्टी को मौका देने), और लोकलुभावन वादों (विशेष रूप से सत्ता पर) के साथ लोगों को आकर्षित करने का काम कर रही है.
विशेषज्ञों ने कहा कि पार्टी अपने सीएम चेहरे के लिए एक प्रमुख सिख व्यक्तित्व की तलाश कर रही है, विशेषज्ञों ने कहा कि उसे दो बार के संगरूर सांसद भगवंत मान की आकांक्षाओं का प्रबंधन करना होगा, जो आप के सबसे लोकप्रिय राज्य नेता हैं. पार्टी के शीर्ष अधिकारियों ने 2022 में सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या मिलने पर उन्हें डिप्टी सीएम बनाने की पेशकश की है, इस मामले से परिचित लोगों ने कहा, लेकिन उन्हें पार्टी का चेहरा बनाने को लेकर आपत्ति है.
आप की पंजाब इकाई के सह-प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब राज्य में शासन कांग्रेस के “गेम ऑफ थ्रोन्स” में सबसे बड़ी दुर्घटना है. “कांग्रेस पार्टी एक आत्मघाती मिशन पर है. यह खुद को नष्ट कर रहा है. सबसे दुखद बात यह है कि पंजाब में कैप्टन सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य लोगों के बीच लगातार इस लड़ाई में… कांग्रेस सरकार ने कोई काम नहीं किया. अब, अगर कांग्रेस यह सोचती है कि केवल कप्तान बदलने से, वे अपने टाइटैनिक जैसे डूबते जहाज को बचा पाएंगे, तो वे गलत हैं. पंजाब के लोगों के लिए अच्छा काम करने में इतना भ्रष्टाचार और इरादे की कमी हो गई है कि अब जहाज का कप्तान बदलने से कोई फायदा नहीं होगा. पंजाब में पूरे जहाज को बदलने की जरूरत है और यहीं से आप की भूमिका आती है.”
चड्ढा के साथ आप की पंजाब इकाई के सह-प्रभारी जरनैल सिंह ने कहा, सिंह का इस्तीफा कांग्रेस पार्टी द्वारा स्वीकार किया गया है कि उसकी सरकार पंजाब में पूरी तरह से विफल रही है. “आज जो हुआ उसकी तैयारी कांग्रेस के भीतर लंबे समय से हो रही थी. कांग्रेस ने आज अपनी अक्षमता और विफलता पर मुहर लगा दी है. अमरिंदर सरकार के तहत काम करने वाले हर मंत्री और विधायक को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. महामारी का महत्वपूर्ण समय जहां कांग्रेस सरकार को पंजाब के लोगों को अपनी सेवा समर्पित करनी चाहिए थी, सबसे पुरानी पार्टी बस अपने भीतर लड़ती रही.
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