प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदारधाम भवन का लोकार्पण किया. साथ ही सरदारधाम के द्वितीय चरण के कन्या छात्रावास का भूमि पूजन भी किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने सरदार पटेल, स्वामी विवेकानंद और तमिल कवि सुब्रमण्य भारती को भी याद किया. साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में सुब्रमण्य भारती के नाम से एक चेयर स्थापित की जाएगी.
कहा कि किसी भी शुभ काम से पहले हमारे यहां गणेश पूजन की परंपरा है. सौभाग्य से सरदार धाम भवन का श्रीगणेश ही गणेश पूजन त्योहर के पवित्र अवसर पर हो रहा है. कल गणेश चतुर्थी थी, आज पूरा देश गणेश उत्सव मना रहा है. मैं आप सभी को दोनों उत्सवों की बधाई देता हूं.
पीएम मोदी ने कहा, हमारे प्रेरणास्रोत लौह पुरुष सरदार साहब के चरणों में भी मैं प्रणाम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. सरदार धाम के सभी सदस्यों को भी बधाई, जिन्होंने अपने समर्पण से सेवा के इस अद्भुत प्रकल्प को आकार दिया है.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘आज 11 सितंबर यानी 9/11 है! दुनिया के इतिहास की एक ऐसी तारीख जिसे मानवता पर प्रहार के लिए जाना जाता है. लेकिन इसी तारीख ने पूरे विश्व को काफी कुछ सिखाया भी! एक सदी पहले ये 11 सितंबर 1893 का ही दिन था जब शिकागो में विश्व धर्म संसद का आयोजन हुआ था.’
पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए कहा, ‘आज के ही दिन स्वामी विवेकानंद ने उस वैश्विक मंच पर खड़े होकर दुनिया को भारत के मानवीय मूल्यों से परिचित कराया था. आज दुनिया ये महसूस कर रही है कि 9/11 जैसी त्रासदियों का स्थायी समाधान, मानवता के इन्हीं मूल्यों से ही होगा.’
उन्होंने कहा, ‘पाटीदार समाज के युवाओं के साथ-साथ गरीबों और विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण पर आपका जो जोर है वो वाकई सराहनीय है. हॉस्टल की सुविधा भी कितनी ही बेटियों को आगे आने में मदद करेगी.’
पीएम मोदी ने तमिल कवि सुब्रमण्य भारती को याद करते हुए एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘आज इस अवसर पर मैं एक महत्वपूर्ण घोषणा भी कर रहा हूं. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में सुब्रमण्य भारती जी के नाम से एक चेयर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. तमिल स्टडीज पर ‘सुब्रमण्य भारती चेयर’ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के फेकल्टी ऑफ आर्ट्स में स्थापित होगी.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘गुजरात तो अतीत से लेकर आज तक साझा प्रयासों की ही धरती रही है. आजादी की लड़ाई में गांधी जी ने यहीं से दांडी यात्रा की शुरुआत की थी, जो आज भी आज़ादी के लिए देश के एकजुट प्रयासों का प्रतीक है. इसी तरह, खेड़ा आंदोलन में सरदार पटेल के नेतृत्व में किसान, नौजवान, गरीब एकजुटता ने अंग्रेजी हुकूमत को झुकने पर मजबूर कर दिया था. वो प्रेरणा, वो ऊर्जा आज भी गुजरात की धरती पर सरदार साहब की गगनचुंबी प्रतिमा, ‘स्टेचू ऑफ यूनिटी’ के रूप में हमारे सामने खड़ी है.’
subscribe to rss
811,6 followers
6958,56 fans
6954,55 subscribers
896,7 subscribers
6321,56 followers
9625.56 followers
741,9 followers
3548,7 followers