फिरोजाबाद (Firozabad) में सोमवार को 40 बच्चों की डेंगू और बुखार से हुई मौतों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) मेडिकल कॉलेज (Medical College) के 100 शैय्या हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था. यहां तमाम बच्चे भर्ती थे, उन्हीं में से एक 14 साल की बच्ची कोमल भी भर्ती थी. कोमल हाथरस (Hathras) के सासनी के गांव नगला मियां की रहने वाले थी. उसके पिता फ़िरोज़ाबाद रहकर मजदूरी का काम करते है. उनके दो बच्चे एक लड़का और एक लड़की, जो बीमार थे, उन्हें फिरोजाबाद के 100 शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
इसी दौरान सूबे के मुख्यमंत्री अस्पताल (Hospital) के दौरे पर आए और उन्होंने हाथरस के पीड़ित बच्चों की मां से बात की. लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी बच्ची को बेहतर इलाज नहीं मिल सका. तब बच्ची का पीड़ित परिवार बच्चों में सुधार न होने के चलते अपने बच्चों को अलीगढ़ लेकर जा रहा था. तभीर रास्ते में 14 साल की बेटी कोमल के प्लेटलेट्स कम होने की वजह से मौत हो गई. फिलहाल परिवार में सभी का रो-रो कर बुरा हाल है.
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को इलाज सही से नहीं मिला. रोती बिलखती मृतक बेटी की मां का कहना है कि उनके बच्चों का इलाज ही सही से नहीं किया गया. पीड़िता ने अपने बच्चों को 30 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन इलाज सही न मिलने के चलते वह अपने बच्चों को दूसरे दिन अलीगढ़ लेकर जा रहे थे. तभी रास्ते में बच्ची कोमल की मौत हो गई, कोमल की मौत के बाद उसका परिवार अपने गांव वापिस चला गया और वहां जाकर उसका अंतिम संस्कार किया. लेकिन ये सिर्फ एक केस नहीं है, जिसको लेकर तमाम आरोप 100 शैया हॉस्पिटल पर लग रहे है. डॉक्टरी की कमी और इलाज में लापरवाही की वजह से अस्पताल में कई हुई हैं.
मौतों की संख्या की आज बात करे तो मौतों का आंकड़ा 60 के पार हो चुका है और दो मौत देर रात प्राइवेट हॉस्पिटल, आगरा में हुई है जो फ़िरोज़ाबाद के ही रहने वाले हैं. फिरोजाबाद में बच्चों की मौत को लेकर अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आगरा मंडल ऐके सिंह ने प्रेस वार्ता की. उन्होंने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि अब तक 36 बच्चों की और 5 बड़ों की मौत हुई है. ज्यादातर मौत डेंगू से ही हुई है.
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