आज चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की पहली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आंकड़े को जारी किया जाएगा. जून में समाप्त हुए तीन महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था के रिकॉर्ड गति से बढ़ने की उम्मीद है. अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी आंकड़ा दो अंकों में ग्रोथ दर्ज होने की संभावना है. कंज्यूमर स्पेंडिंग और लो बेस से इकोनॉमिक में तेजी आने की उम्मीद है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से आज चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी किए जाएंगे.
जून तिमाही में भारतीय इकोनॉमिक ग्रोथ की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने की संभावना है, जो पिछले साल बहुत कमजोर आधार और उपभोक्ता खर्च में उछाल को दर्शाता है. डेटा से पता चलता है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी), ऑटोमोबाइल बिक्री, निर्यात, ईंधन की खपत, मुख्य आयात और रेलवे माल ढुलाई इस वित्त वर्ष में अब तक दो अंकों में बढ़ रही है, जो विकास में तेज वापसी का संकेत देती है.
इस महीने अर्थशास्त्रियों ने भविष्यवाणी की कि अप्रैल से जून की अवधि के लिए जीडीपी 20 फीसदी रहने की उम्मीद है. एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट ईकोरैप (SBI research report Ecowrap) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए अनुमानित जीडीपी ग्रोथ करीब 18.5 फीसदी होगी. वहीं वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में लो बेस अकाउंट के चलते ग्रोथ ज्यादा रहेगी.
वहीं, RBI ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 21.4 फीसदी जीडीपी रहने का अुनमान जताया है. भारत का वित्तीय वर्ष अप्रैल में शुरू होता है और अगले साल मार्च में समाप्त होता है.
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