जन धन योजना के सात साल पूरेः ‘योजनाओं का नाम बदलकर दोबारा लॉन्च करने में माहिर हैं पीएम मोदी’, बोले कांग्रेस नेता जयराम रमेश कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Congress leader Jairam Ramesh) ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर योजनाओं का नाम बदलने और फिर से शुरू करने में माहिर होने का आरोप लगाया. उनकी टिप्पणी जन धन योजना (Jan Dhan Yojna) की 7वीं वर्षगांठ पर आई, जिसमें उन्होंने दावा किया यूपीए की ‘बचत बैंक जमा’ योजना का नाम बदला गया.
उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘पीएम ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की 7वीं वर्षगांठ पर सराहना की है. यह वास्तव में यूपीए के मूल बचत बैंक जमा खाते (Basic Savings Bank Deposit Account) का नाम बदलने की 7वीं वर्षगांठ है. नाम बदलने, रीपैकेजिंग और दोबारा लॉन्च करने में क्या विशेषज्ञ हैं.’
उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी लोगों के अथक प्रयासों की सराहना करता हूं, जिन्होंने पीएम जन धन योजना को सफल बनाने के लिए काम किया है. उनके प्रयासों ने भारतीयों के जीवन को ज्यादा गुणवत्तापूर्ण बनाना सुनिश्चित किया है.’ दरअसल, सरकार जन धन योजना की 7वीं वर्षगांठ मना रही है. पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) की घोषणा की थी. 28 अगस्त को इस योजना की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस अवसर को गरीबों की एक दुष्चक्र से मुक्ति के उत्सव के रूप में निरूपित किया था.
प्रधानमंत्री जन-धन योजना की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना के महत्व को दोहराया. उन्होंने कहा, ‘सात वर्षों की छोटी सी अवधि में पीएमजेडीवाई की अगुवाई में किए गए उपायों ने रूपांतरकारी और दिशात्मक बदलाव पैदा किया है, जिसने उभरते हुए वित्तीय संस्थानों के इकोसिस्टम को समाज के अंतिम व्यक्ति-सबसे गरीब व्यक्ति को वित्तीय सेवाएं देने में सक्षम बनाया है. पीएमजेडीवाई के अंतर्निहित स्तंभों यानी बैंकिंग सेवा से अछूते रहे लोगों को बैंकिंग सेवा से जोड़ने, असुरक्षित को सुरक्षित बनाने और गैर-वित्तपोषित लोगों का वित्त पोषण करने जैसे कदमों ने वित्तीय सेवाओं से वंचित और अपेक्षाकृत कम वित्तीय सेवा हासिल करने वाले इलाकों को सेवा प्रदान करने के क्रम में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाते हुए बहु-हितधारकों के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को अपनाना संभव बनाया है.’
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