भीमा कोरोगांव हिंसा मामले में NIA ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट से इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. एनआईए ने आरोप लगाया है कि एल्गार परिषद और माओवादियों के बीच संबंध हैं. NIA ने 16 आरोपियों और छह फरार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
इसके साथ ही एनआईए ने कहा है कि आरोपियों ने सरकार और उसके नागरिकों के खिलाफ साजिश रच कर भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को खतरा पैदा किया. ये देश के खिलाफ युद्ध छेड़ कर अपनी सरकार चलाना चाहते थे.
JNU और TISS के छात्रों को किया गया था रिक्रूट
स्पेशल कोर्ट में NIA ने चार्जशीट दाखिल की. इसमें यह भी खुलासा किया गया कि आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने देश की दो प्रतिष्ठित संस्थाओं जेएनयू और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (मुम्बई) के छात्रों को रिक्रूट किया था. साजिश देश के खिलाफ तैयार की जा रही थी, जिनमें इन छात्रों का इस्तेमाल किया जाना था.
NIA के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मणिपुर में आतंकी संगठनों को M4 हथियार और 4 लाख राउंड (कारतूस) पहुंचाने के लिए 8 करोड़ रुपये का इंतजाम करने में लगे थे. इन हथियारों के जरिए आरोपी महाराष्ट्र और केंद्र सरकार को टारगेट करना चाहते थे.
क्या है मामला
महाराष्ट्र में पुणे के करीब भीमा कोरेगांव में 2018 में हिंसा भड़की थी. इसके एक दिन पहले एल्गार परिषद ने पुणे में सम्मेलन किया था. NIA का आरोप है कि इस कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिया गया.
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