रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा की. मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिनों की बैठक में क्या फैसला लिया गया है, गवर्नर दास ने इसके बारे में जानकारी दी. लगातार सातवीं बार रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को बरकरार रखा गया है. रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी रखा गया है. गवर्नर दास ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से इकोनॉमी उबर रही है. सप्लाई और डिमांड का बैलेंस बिगड़ गया है जिसे धीरे-धीरे ठीक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जून के मुकाबले जुलाई में आर्थिक सुधार बेहतर रहा. इसके साथ में उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के प्रति चौकन्ना रहने की जरूरत है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 9.5 फीसदी बरकरार रखा है. आर्थिक सुधार के बारे में कहा कि यह मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी के अनुरूप ही रहा. कुछ समय के लिए छोड़ दें तो मॉनसून अच्छा रहा है. महंगाई की बात करते हुए उन्होंने कहा कि मई में रिटेल महंगाई दर 6 फीसदी के अपर बैंड के ऊपर निकल गया, हालांकि प्राइस मोमेंटम मॉडरेटेड था. डिमांड में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है लेकिन इससे संबंधित हालात में बहुत ज्यादा सुधार नहीं दिख रहा है. ऐसे में हमारी पूरी कोशिश डिमांड और सप्लाई के चेन को ज्यादा मजबूत और एफिशिएंट बनाने की है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 9.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. हालांकि अलग-अलग तिमाही के लिए इस अनुमान में बदलाव किया गया है. जून तिमाही के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 18.5 फीसदी के मुकाबले बढ़ाकर 21.4 फीसदी कर दिया गया है. सितंबर तिमाही के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 7.9 फीसदी के मुकाबले घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया है. दिसंबर तिमाही के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 7.2 फीसदी के मुकाबले घटाकर 6.3 फीसदी और चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2022) के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 6.6 फीसदी के मुकाबले घटाकर 6.1 फीसदी किया गया है. यह ग्रोथ रेट सालाना आधार पर है. बढ़ती महंगाई के बीच रिजर्व बैंक ने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी खुदरा महंगाई दर के अनुमान को रिवाइज किया है. पूर्व वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर के अनुमान को 5.1 फीसदी से बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया गया है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए CPI का अनुमान 5.4 फीसदी के मुकाबले बढ़ाकर 5.9 फीसदी, तीसरी तिमाही के लिए खुदरा महंगाई के अनुमान को 4.7 फीसदी के मुकाबले 5.3 फीसदी और चौथी तिमाही के लिए महंगाई के अनुमान को 5.3 फीसदी के मुकाबले 5.8 फीसदी कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिए महंगाई के अनुमान को 5.3 फीसदी के मुकाबले बढ़ाकर 5.8 फीसदी कर दिया गया है.
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