विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर राष्ट्रीय पार्टियों से लेकर क्षेत्रीय दलों ने तीर -तरकश सजाने शुरू कर दिए हैं। चारों ओर से दलों को घेरने और सीटें निकालने के लिए मोर्चाबंदी की जाने लगी है। अभी दो दिन पहले भाजपा के रणनीतिकार माने जाने वाले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मीरजापुर में एक तरफ से चुनाव अभियान का श्रीगणेश कर चुके हैं।
अमित शाह ने जनसभा मंच से सपा-बसपा से पिछले 15 वर्षों का हिसाब मांगा था तो 2022 में जनता से समर्थन। अब बहुजन समाज पार्टी पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिए चुनावी संवाद का आगाज करने जा रही है इसके लिए बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा 17 अगस्त को वाराणसी में होंगे। वे कचहरी के समीप स्थित एक वाटिका में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
दरअसल वाराणसी में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के जरिए ब्राह्मण समाज को एकजुट करने का प्रयास माना जा रहा है। वास्तव में हाल के दिनों में इस समाज को अपने पाले में करने को लेकर सपा व बसपा दोनों ने ही सक्रियता बढ़ाई है। बसपा पूर्व में इस तरह के प्रयोग को सफलता के साथ आजमा भी चुकी है। हालांकि, सपा ने भी ब्राह्मण नेताओं को लेकर प्रदेश स्तरीय समिति का गठन तो जरूर किया है, लेकिन अभी उसकी सक्रियता नहीं दिख सकी है। इस बीच बसपा ने इस तरह कज आयोजन से बढत बनाने का प्रयास करती दिख रही है।
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