मिसाइल मैन के नाम से मशहूर रहे देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का आज के ही दिन निधन हुआ था. देश सेवा के मिशन में ही लगे रहे कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 को मेघालय के शिलॉन्ग में उस वक्त हुआ था, जब वो आईआईएम में लेक्चर दे रहे थे. शिलांग में जब छात्र-छात्राओं के बीच मंच से भाषण देने पहुंचे तो किसी ने ये अंदाजा भी नहीं लगाया होगा कि ये संबोधन उनका अंतिम होगा.संबोधन के दौरान उन्होंने न सिर्फ मानवता को लेकर चिंता जाहिर की थी बल्कि धरती पर फैले प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई थी. पूर्व राष्ट्रपति कलाम एक परमाणु वैज्ञानिक, शानदार लेखक, कवि और शिक्षाविद थे. 27 जुलाई 2015 को 83 साल की उम्र में निधन होने तक देश की सेवा की थी.
6वीं पुण्यतिथि पर कलाम जी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
– पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वर में हुआ था. वो मछुआरों के परिवार में जन्मे थे.
– साल 1992 से 1999 तक एपीजे अब्दुल कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे हैं.
– एपीजे अब्दुल कलाम के “हिंदी गुरु” मुलायम सिंह यादव थे. उन्हें जो कुछ भी थोड़ी बहुत हिंदी आती थी वो मुलायम सिंह यादव ने ही सिखाई थी. इस बात को खुद उन्होंने ने सैफई में एक रैली के दौरान स्वीकार भी किया था.
– भारत अमेरिका न्यूक्लियर डील को लेकर के जो समाजवादी पार्टी का हृदय परिवर्तन हुआ, उसके पीछे भी एपीजे अब्दुल कलाम और मुलायम की मित्रता थी. एपीजे अब्दुल कलाम ने मुलायम सिंह को मनाया था कि ये या डील भारत के हित में है.
– एपीजे अब्दुल कलाम अपने पूरी प्रोफेशनल जिंदगी में केवल 2 छुट्टियां ली. एक अपने पिता की मौत के समय और दूसरी अपनी मां की मौत के समय.
– एपीजे अब्दुल कलाम धर्म से मुस्लिम थे, लेकिन दिल से वो किसी भी धर्म को नहीं मानते थे. वो कुरान और भगवत गीता दोनों ही पढ़ा करते थे.
– 27 जुलाई 2015 को आईआईएम शिलांग में एक कार्यक्रम में अचानक कार्डियेक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई थी. उनके एक सहयोगी ने बताया कि उनके आखिरी शब्द थे ‘फनी गाएज, आर यू डूइंग वैल?’
– एपीजे अब्दुल कलाम देश के ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे, जो राष्ट्रपति पद मिलने से पहले ही भारत रत्न से सम्मानित हो चुके थे. एपीजे अब्दुल कलाम को साल 1997 में भारत रत्न मिला. साल 2002 में वो राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए. इससे पहले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. जाकिर हुसैन राष्ट्रपति पद पर आने से पहले भारत रत्न से सम्मानित हो चुके थे.
– वो भारत के इकलौते राष्ट्रपति थे, जो कुंवारे थे और साथ ही शाकाहारी थे.
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