गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत प्रयागराज से मेरठ के बीच छह लेन सड़क का निर्माण होना है। प्रयागराज के सोरांव तहसील में करीब 180 हेक्टेयर जमीन इसकी जद में आएगी। इसमें से करीब 158 हेक्टेयर जमीन का बैनामा योजना के नाम हो चुका है। शेष भूखंड के बैनामे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है लेकिन 18.677 हेक्टेयर भूखंड को लेकर गतिरोध है। यह जमीन सोरांव के 20 गांवों में है। इसमें से सबसे अधिक 3.4337 हेक्टेयर जमीन पूरबनारा गांव में हैं। शेष जमीन 19 अन्य गांवों में है, जिसे लेकर गतिरोध बना हुआ है।
इसके बड़े भूभाग को लेकर काश्तकारों के बीच विवाद है। कई मामले न्यायालय में भी है। इसके अलावा कई काश्तकार जिले में नहीं हैं या उन्हें मुआवजे की राशि पर आपत्ति है। ऐसे में सड़क का निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए इन भूखंडों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। निर्धारित दर पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। विवादित भूखंडों के मुआवजे की राशि न्यायालय में जमा की जाएगी।जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चयनित संस्था की मदद से पूरी की जाएगी। संस्था का चयन जिला प्रशासन की ओर से किया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि काश्तकारों से संपर्क कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
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