महाराष्ट्र अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग (Authority for Advance Rulings (AAR) ने मेंटिनेंस चार्जेज को लेकर एक नया आदेश जारी किया है. एडवांस रूलिंग ने अपने आदेश में कहा कि अगर कोई को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी अपने सदस्यों से हर महीने मेंटिनेंस चार्ज के रूप में 7500 रुपए से ज्यादा वसूलती है तो उस पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लगाया जाएगा.
इस नियम को रेट्रोस्पेक्टिव अमेंडमेंट के तहत 1 जुलाई 2017 से लागू किया जाएगा. फाइनेंस एक्ट 2021 के मुताबिक को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी और इसके मेंबर्स को डिस्टिंक्ट एंटिटी का दर्जा दिया गया है. अमेंडमेंट के बाद से यह अपनी तरह का पहला आदेश है. इसलिए अब CHS को जीएसटी कलेक्ट भी करना होगा और उसका भुगतान भी करना होगा.
18 फीसदी के जीएसटी में 9 फीसदी सेंट्रल जीएसटी होता है जबकि 9 फीसदी स्टेट जीएसटी होता है. इसमें IGST नहीं होता है. बता देंक कि 22 जुलाई 2019 के फाइनेंस मिनिस्ट्री के सर्कुलर के मुताबिक, किसी भी हाउसिंग सोसायटी के लिए जब RWA (Residents Welfare Association) को दिए जाना वाला मेंटिनेंस चार्ज अगर 7500 रुपए महीनवारी से ज्यादा होता है तो इस पर जीएसटी लगता है. 25 जनवरी 2015 से पहले यह लिमिट केवल 5000 रुपए थी जिसे बढ़ाकर 7500 रुपए किया गया.
इस सर्कुलर में साफ-साफ कहा गया था कि अगर किसी सोसायटी के लिए मेंटिनेंस चार्ज 7500 रुपए से ज्यादा है तो पूरे चार्ज पर 18 फीसदी का जीएसटी लगेगा. मान लीजिए आपके सोसायटी का मेंटिनेंस चार्ज 10 हजार रुपए है तो जीएसटी अमाउंट 18 फीसदी की दर से 1800 रुपए होगा. ऐसा नहीं है कि 7500 के बाद केवल 2500 की राशि पर आपको जीएसटी जमा करना है.
फाइनेंस मिनिस्ट्री के सर्कुलर के मुताबिक, को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी को मेंटिनेंस चार्ज पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी कलेक्ट करना है. हालांकि इसकी एकमात्र शर्त ये है कि यह राशि 7500 रुपए से ज्यादा होनी चाहिए. इसके साथ एक और बात को ध्यान में रखना है कि अगर किसी हाउसिंग सोसायटी का एनुअल टर्नओवर 20 लाख से कम होता है तो उस पर यह नियम लागू नहीं होगा. ऐसी सोसायटी को GST नहीं भरना है और ना ही कलेक्ट करना है.
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