प्रयागराज। कातिल कोरोना एक न एक दिन चला जाएगा। जिंदगी फिर अपने ढर्रे पा आ जाएगी। लेकिन इस क्रूर काल ने कुछ परिवारों को इतना जख्म दिया है, जिसे भूलना मुश्किल है। अल्लापुर पुलिस चौकी के पास रहने वाले तीन सगे भाइयों के लिए महामारी तो काल बन गई। महज 17 दिनों के अंतराल में नंदी बंधु संतोष कुमार, समर कुमार और शैलेन्द्र नाथ को कोरोना काल ने छीन लिया।
दो माह पहले तक जो भरा पूरा परिवार खुशियों में डूबा रहता था। वहां गमों का पहाड़ टूटा है। घर पर आने वाले शुभचिंतकों की उंगलियां अब दीवार की कॉल बेल तक आकर ठिठक जाती हैं...।
चार भाइयों में तीसरे नंबर के संतोष कुमार लोकहित ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक थे। उनकी तबीयत 15 अप्रैल को खराब हुई। पत्नी काजल ने किसी तरह उन्हें एसआरएन में भर्ती कराया। एक दिन इलाज चला और 17 अप्रैल को ही दम तोड़ दिया। संतोष के निधन से उनकी दोनों बेटी जयश्री और जूही पर तो जैसे पहाड़ ही टूट पड़ा।
अभी संतोष की राख बुझी भी नहीं थी कि भाई समर नाथ नंदी की सांस की तकलीफ और हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह एजी ऑफिस से रिटायर हुए थे। दो छोटे भाई के न रहने का गम बड़े भाई शैलेन्द्र नाथ नंदी पर भारी पड़ गया। 25 अप्रैल को उनकी भी तबीयत खराब हुई। ऑक्सीजन लेबल निरंतर कम होता गया। इलाज चलता रहा लेकिन 4 मई को उनकी भी सांसें थम गईं। एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत ने घर, परिवार व सगे-संबंधियों को ही नहीं बल्कि मोहल्ले वालों के लिए भी असहनीय रहा।
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