प्रयागराज : इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर भी कोरोना का ग्रहण लग गया है। ऐसे में अब नए शैक्षिक सत्र में भी अतिथि प्रवक्ता ही छात्रों की नैया के खेवनहार होंगे। विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 858 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 596 पदों पर भर्ती की जानी है। मौजूदा सत्र में 262 शिक्षक ही कार्यरत हैं। कोरोना महामारी के कारण तीन शिक्षकों की जान चली गई है। वहीं मौजूदा सत्र में कई शिक्षक रिटायर हो गए हैं। ऐसे में शिक्षकों का टोटा है।
ज्ञात हो कि शिक्षक भर्ती के लिए एफआरसी के चेयरमैन की नियुक्ति कर दी गई है। एफआरसी की ओर से आरक्षण रोस्टर तैयार किए जा रहे थे। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर ने सभी प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दी। 10 अप्रैल से 25 मई तक के लिए पूरा परिसर बंद कर दिया गया है। शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया ज्यों कि त्यों पड़ी है। विश्वविद्यालय खुलने के बाद ही शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने के आसार हैं। आरक्षण रोस्टर तय होने के बाद शिक्षक भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी होगा। फिर आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद आवेदनों की स्क्रीनिंग होगी। फिर सेलेक्शन कमेटी बनेगी। ऐसे में तकरीबन तीन महीने का वक्त लग सकता है। जुलाई से नया सत्र प्रारंभ होना है। शिक्षकों की कमी के चलते अतिथि प्रवक्ताओं से काम लेने की ही संभावना प्रबल है।
ऑनलाइन वेबिनार
इविवि के विधि संकाय की ओर से गुरुवार को एके गोपालन बनाम मद्रास राज्य विषय पर वेबिनार हुआ। मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने वाद के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अध्यक्षता प्रो. जेएस सिंह ने की।
डॉ. जया कपूर (पीआरओ, इविवि) ने कहा, 'विश्वविद्यालय में 2020-21 के सत्र में शिक्षकों के 596 पद रिक्त हैं। इसके साथ ही इस सत्र में हमने कोविड के कारण 3 शिक्षकों को खोया। कुछ अन्य शिक्षक इस सत्र में रिटायर हो रहे हैं। कुल रिक्तियों की संख्या का जुलाई में पुनरीक्षण किया जाएगा।
subscribe to rss
811,6 followers
6958,56 fans
6954,55 subscribers
896,7 subscribers
6321,56 followers
9625.56 followers
741,9 followers
3548,7 followers