रसूलाबाद में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी एमपी सिंह कोरोना से देशभर में मचे कोहराम को लेकर परेशान हो गए थे। टीवी पर न्यूज देखते समय उनको बेचैनी होने लगती। उनकी बेचैनी निरंतर बढ़ती रही। परिजनों ने उनको समाचार देखने से रोक दिया लेकिन इससे भी उनकी बेचैनी नहीं समाप्त नहीं हुई और दो दिन पहले उनकी भी मौत हो गई।
कोरोना महामारी से आज पूरा विश्व परेशान है और अब तक इसका कोई कारगर इलाज नहीं मिला है। पिछले साल की तुलना में इस बार कोरोना का कहर कहीं ज्यादा आक्रमक है और हर तरफ मौत का मंजर नजर आ रहा है। शहर, प्रदेश, देश में कोरोना के संक्रमण से हो रही मौतें, श्मशान घाट व कब्रिस्तानों का मंजर देख सभी परेशान हैं। मोबाइल और टीवी स्क्रीन पर दिखने वाली तस्वीरें, आसपास के लोग, रिश्तेदार और मित्रों से महामारी का कहर और मौतों की बातें सुनकर सबसे अधिक हृहदरोगी और बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं। दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरें और वीडियो क्लीपिंग सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। इनको देखकर बुजुर्ग बीमार पड़ रहे है। कई परिवारों में तो बुजुर्गों को टीवी देखने से रोका जा रहा है और एंड्रॉयड फोन ले लिए गए हैं। ऐसे में जरूरत है कि हम कोरोना के प्रति सतर्क रहें और सभी जरूरी एहतियात बरतें लेकिन इसके साथ ही खुद को नकारात्मक सूचनाओं और बातों से दूर रखें। कोई भी सूचना या समाचार हमें जानकारी देने और सचेत करने के लिए तो जरूरी है लेकिन लगातार इनसे जुड़े रहने का हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि खुद को सकारात्मक विचारों और कामों में व्यस्त रखें और खुद पर कोरोना का खौफ हावी न होने दें।
तनाव बढ़ने लगा तो बचाव के आने लगे सुझाव
कोरोना से संबंधित समाचारों को सुनने और देखने के बाद लोगों की मौत व बीमार पड़ने पर अब बचाव के सुझाव भी आने लगे हैं। सोशल मीडिया पर कोरोना से जुड़े समाचार से लोगों को दूर रहने के कहा जा रहा है।
इनका कहना है
देश में कोरोना की स्थिति भयावह है। इसका समाचार देख लेग बड़ी संख्या में लोग तनावग्रस्त हो रहे है। कई लोग अवसाद में भी जा रहे हैं। महामारी फैली है लेकिन इससे तनाव पालने की जरूरत नहीं है। इससे बचने के लिए सभी गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। खुद को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना को लेकर मानसिक दबाव में न आएं।--- डॉ राकेश पासवान, मनोचिकित्सक- काल्विन अस्पताल
ये आ रहे सुझाव
-कोरोना से जुड़े समाचार ज्यादा न देखें।
-कोरोना पर किसी के साथ अधिक चर्चा न करें।
-संगीत, भजन सुनें, फिल्में और हास्य धारावाहिक देखें।
-बिलकुल डरें नहीं। डरने से शरीर की इम्युनिटी प्रभावित होती है।
-अपने काम में व्यस्त रहें।
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