ढाई महीने तक इलाहाबाद के लिए न तो किसी नई योजना की घोषणा की जाएगी और न ही विकास संबंधी योजना के लिए कोई रकम जारी की जाएगी। यहां तक कि ट्र्रांसफर-पोस्टिंग भी प्रतिबंधित रहेगी। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही बुधवार से आचार संहिता लागू हो गई है, जो 28 मई तक लागू रहेगी। इलाहाबाद में 12 अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी जबकि मतदान सात मई को होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी पी. गुरुप्रसाद के बुधवार को कलक्ट्रेट के संगम सभागार में संवाददाताओं को बताया कि नामांकन प्रक्रिया 12 अप्रैल से 19 अप्रैल के मध्य होगी जबकि नामांकन पत्रों की जांच 21 अप्रैल एवं नाम वापसी 23 अप्रैल को होगी। सात मई को मतदान और 16 मई को मतगणना प्रस्तावित है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अफसरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि आदर्श आचार संहिता का स्वयं पालन करें और अधीनस्थ अफसरों एवं कर्मचारियों से भी अनुपालन सुनिश्चित कराएं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में अब कोई नया काम नहीं होगा। इसके अलावा कोई भी अफसर किसी भी तरह की नई घोषणा नहीं करेगा। जिले में जो काम पहले से चल रहे हैं, वह जारी रहेंगे। जो कार्य चल रहे हैं या अधूरे हैं, उनकी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। इसकी सूची मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करा दी जाएगी। बताया कि आचार संहिता के संबंध में बुधवार को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी अवगत करा दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह जानकारी भी दी कि किसी भी जनसभा के आयोजन से पूर्व नगर क्षेत्र इलाहाबाद के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और अन्य क्षेत्रों के लिए संबंधित एसडीएम से लिखित अनुमति लेनी होगी। रात दस बजे के बाद एवं सुबह छह बजे से पहले लाउडस्पीकर का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी सरकारी संपत्ति पर दीवार लेखन, पोस्टर, पंफलेट चिपकाना, कटआउट, बैनर, होर्डिंग लगाना या प्रदर्शित करना भी वर्जित होगा। निर्वाचन आयोग युवाओं को वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। अधिसूचना जारी होने के बाद एक बार फिर मतदाता पंजीकरण अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। नौ मार्च को सभी बूथों पर अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बूथों पर बीएलओ वोटर लिस्ट के साथ मौजद रहेंगे। अभियान में मतदाता पंजीकरण फॉर्म भी भरवाए जाएंगे। आयोग का निर्देश है कि अधिक से अधिक पोलिंग पार्टियों को बसों से बूथों के लिए रवाना किया जाए लेकिन इलाहाबाद में बसों की उपलब्धता कम होने के कारण नई मुसीबत पैदा हो गई है। आरटीओ ने जिला निर्वाचन कार्यालय को रिपोर्ट दी है कि जिले में बड़ी बसों की संख्या महज 140 है और मिनी बसों की संख्या 308 है जबकि पोलिंग पार्टियों को बूथों तक ले जाने के लिए एक हजार बड़े वाहनों की जरूरत है। ऐसे में एक ही विकल्प है कि अतिरिक्त बसों की जगह ट्रकों का अधिग्रहण किया जाए। इलाहाबाद में तकरीबन 2300 ट्रक हैं। अफसरों का कहना है कि बसें नहीं मिलती हैं तो उनकी कमी ट्रकों से पूरी की जाएगी।
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